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Om Birla और Rahul Gandhi की Lok Sabha में NEET पर तगड़ी बहस, Dhankhar बोले

 



बट टू यू बाय कैड डस्टिंग पाउडर एंड अमेरिकन पिस्स कैड डस्टिंग पाउडर रेडनेस इरिटेशन स्वेट रश और फंगल इन्फेक्शन जैसे चार स्किन प्रॉब्लम का एक एक्सपर्ट सलूशन अब रहो अनस्टॉपेबल कैड डस्टिंग पाउडर के [संगीत] साथ नमस्कार सौरभ द्विवेदी नाम है हमारा और आप देखना शुरू कर चुके हैं ललन टॉप शो राजधानी दिल्ली का इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा यानी कि आईजीआई यहां से रोज तकरीबन 2 लाख लोग यात्रा पर निकलते हैं इतनी ज्यादा भीड़ कि इस एयरपोर्ट पर चार रनवे हैं और तीन टर्मिनल समझ के आसानी के लिए आप कह सकते हैं कि जिसे हम आईजीआई कहते हैं वह दरअसल सटकर

बने तीन एयरपोर्ट्स का समूह है हर एयरपोर्ट टर्मिनल में यात्रियों के आने-जाने और ट्रांसफर की सुविधा है तीनों में सबसे पहले बना टर्मिनल वन जिसे दिल्ली वाले टी वन कहते हैं यहां पर 28 जून की भोर दिल्ली का रहने वाला आशीष अपनी कैब लेकर पहुंचा मूसलाधार बारिश हो रही थी आशीष ने टर्मिनल के बाहर बने बड़े से शेट के नीचे अपनी कार लगाई आशीष को लगा होगा ये एक सुरक्षित जगह है और यहीं पर कैब चलाने वाले लोग अपने यात्रियों के इंतजार के लिए ठहरते भी हैं लेकिन कुछ ही देर बाद टर्मिनल का शेड टूटकर गिर गया जिसके नीचे आशीष और बहुत सारे लोग खड़े थे कारें इस
भारी भरकम शेठ के भीतर दब गई और आशीष की तस्वीर सामने आई वह अपनी ड्राइविंग सीट से भी निकल नहीं पाया था जब एक भारी भरकम पिलर ने उसकी कार को चकनाचूर कर दिया आशीष की तस्वीर में उसके शरीर का सिर्फ निचला हिस्सा दिखाई दे रहा था ऊपरी हिस्सा देख पाना मुश्किल था आशीष की मौत हो गई थी सुबह 5:30 बजे बिजली कड़की और ऐसा लगा जैसे बादल फटा हो तो देखा तो छत गिरी पड़ी थी जी ठीक है सुबह 5:30 बजे का ये हादसा है जिसके नीचे आठ 10 गाड़ियां भी दबी हुई हैं एक दो मरने की भी हु है और घायल काफी जने हैं ये सुब कितनी तेज आवाज आई बहुत तेज जैसे बादल फटता हो अच्छा उस वक्त
ज्यादा भीड़ नहीं थी लेकिन एयरपोर्ट प नहीं भीड़ तो गाड़ियां थी वो किन लोग की थी बाहर से आए हुए लोग थे टैक्सी थी टैक्सी थी टैक्सी टैक्सी टैक्सी थी आप क्या टैक्सी चलाते हैं जी सर तो आप ही के साथ ही लोग थे जी इसके बाद बचाव कार्य शुरू हुआ फायर ब्रिगेड की टीमें एयरपोर्ट पहुंची शेठ को हटाकर उसे नीचे दबे लोगों को निकालने की जुगत शुरू हुई कुछ देर तक राहत कार्य चला और फिर पता चला कि चार और लोग भी इस घटना में घायल हुए उनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है इस घटना के फौरन बाद एयरपोर्ट के टर्मिनल वन से दोपहर 2 बजे तक उड़ने वाली सारी फ्लाइट्स को
कैंसिल कर दिया गया और 2 बजे के बाद की सारी फ्लाइट्स को टर्मिनल टू और टर्मिनल थ्री पर डाइवर्ट कर दिया गया जैसे हर दुर्घटना में जिम्मेदार की तलाश की जाती है वैसे ही इसमें भी हुआ ढेर सारी सोशल मीडिया पोस्ट में इसका ठीक र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर फोड़ा गया स्क्रीन पर देखिए इन लोगों का कहना है कि मार्च 2024 में ही पीएम मोदी ने दिल्ली एयरपोर्ट के इस एक्सटेंडेड टर्मिनल का उद्घाटन किया वो ऐसा इसलिए भी कह रहे हैं कि 28 जून 2024 से ठीक एक दिन पहले यानी 27 जून 2024 को मध्य प्रदेश के जबलपुर एयरपोर्ट की भी छत का एक हिस्सा एक गाड़ी पर गिर गया था इस
घटना में कोई हताहत नहीं हुआ था लेकिन इस एयरपोर्ट का भी उद्घाटन मार्च के ही महीने में पीएम नरेंद्र मोदी ने किया था बीते दिनों हमने ऐसे कई उदाहरण देखे जब किसी ऐसे प्रोजेक्ट में खामी सामने आती है जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री मोदी ने किया हो तो आलोचना में मुखरता का लेवल बदल जाता है लोग एक तरफ उद्घाटन की तस्वीरें लगाते हैं दूसरी तरफ दरार वाली इसकी कई मिसाले हमने देखी प्रगति मैदान टनल और अटल सेतु के मामले में भी यही हुआ लेकिन आज की घटना का वजन अलग था क्योंकि आज एक निर्दोष व्यक्ति की जान गई और सरकार उसने इन सबका जवाब दिया निर्माण काल का समय बताकर सुनिए
नागरिक उडियन मंत्री राम मोहन नायडू को इसके बारे में मैं क्लेरिफिकेशन दे दूं कि जो प्रधानमंत्री साहब जो इनग्रेट किया वो दूसरा बिल्डिंग है दूसरी तरफ है जो यहां कोलप्पन बिल्डिंग है 2009 में जो उस टाइम ओपन हुआ था तो उसके ऊपर जो इंस्पेक्शन करना है वो अभी करवाएंगे आपने सुना मंत्री जी एक तरफ कह रहे थे कि पीएम मोदी ने इस टूटे हिस्से का नहीं बल्कि एक दूसरे हिस्से का अनावरण किया था और दूसरी तरफ वह इस टूटे हिस्से का निर्माण काल साल 2009 बता रहे थे इशारा था तत्कालीन यूपीए सरकार पर तो यह है कीमत एक जान की एक मौका विपक्ष के लिए एक छज्जा गिरने को लेकर
प्रधानमंत्री को टारगेट करने का और पक्ष के लिए उस प्रधानमंत्री को टारगेट करने का जो 10 साल पहले सत्ता से बाहर हो गए इस मौका परस्ती के बीच जनता पूछ रही है कि बिल्ली के गले में घंटी बांधे कौन इस सवाल को आज हम मथें दिन की बड़ी खबर में इस केस में किसकी जिम्मेदारी सबसे पहले तय की जानी चाहिए राजनीति पर लौटेंगे पर पहले काम की बात जिम्मेदार नंबर एक है जीएमआर ग्रुप ये जीएमआर ग्रुप क्या है जीएमआर का फुल फॉर्म ग्रंथि मल्लिकार्जुन राव आंध्र प्रदेश के रहने वाले इंजीनियर ग्रंथी मल्लिकार्जुन राव ने साल 1978 में इस कंपनी की शुरुआत की थी जीएमआर समूह
एयरपोर्ट ऊर्जा हाईवे निर्माण नगरी इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम करता है जेएमआर को दिल्ली एयरपोर्ट का काम धाम कैसे मिला साल 1962 में शुरू हुए दिल्ली एयरपोर्ट के मैनेजमेंट का जिम्मा साल 2006 में चार कंपनियों के एक समूह को दिया गया इस समूह ने एयरपोर्ट मैनेजमेंट कंपनी का गठन किया नाम रखा गया डेल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड यानी डायल इस डायल में जो चार कंपनियां शामिल थी उनके नाम है जीएमआर ग्रुप जिसकी फीदी की हिस्सेदारी थी भारत सरकार की एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया जिसकी 26 फीदी की हिस्सेदारी थी जर्मनी की फ्रैपोर्ट जिसकी 10 फीदी की हिस्सेदारी और
मलेशिया की कंपनी मलेशिया एयरपोर्ट्स इसकी भी 10 फीदी की हिस्सेदारी थी साल 2015 में मलेशिया एयरपोर्ट्स ने इस डायल से निकलने का फैसला किया और अपना 10 पर स्टेक जीएमआर ग्रुप को बेच दिया तब से लेकर अब तक डायल में सबसे ज्यादा 64 फीदी की हिस्सेदारी जीएमआर ग्रुप की है एएआई यानी एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और फ्रिपोर्ट अपनी पुरानी हिस्सेदारी पर सीमित है यानी ये तीन कंपनियां मिलकर दिल्ली का एयरपोर्ट चलाती हैं और दैनंदिन कामकाज जीएमआर देखता है और आपने देखा इनमें से एक कंपनी भारत सरकार की भी है ऐसे में इन कंपनियों और सरकार से सवाल पूछना चाहिए कि एयरपोर्ट का
यह हिस्सा साल 2009 में ही बना तो क्या बीते 15 साल में उसका रखरखाव नहीं किया गया और किया भी गया तो किस हाल में किया गया कि इतना भयावह हादसा हुआ इसलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार से सवाल पूछा जाएगा दूसरी बात जेएमआर और फ्रैपोर्ट का इस बुलेटिन के तैयार होने तक कोई रिस्पांस नहीं आया है उनकी जवाबदेही सबसे ज्यादा तय की जानी चाहिए क्योंकि मालिकाना हक उनका है और कार्रवाई भी सख्त ऐसी होनी चाहिए कि नजीर बने अगर इन कंपनियों का कोई जवाब आता है तो ललन टॉप वो भी आप तक जरूर लेकर आएगा लेकिन सरकार का बयान आ चुका है नागरिक उडन मंत्री
राममोहन नायडू की बाइट आपने देखी घटना के बाद उनका एक लिखित बयान आया जिसमें उन्होंने यह बातें कही मैंने स्वयं घटना स्थल का दौरा किया पहली प्राथमिकता थी कैसे टर्मिनल से सारे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए सभी यात्रियों को उनका पूरा पैसा वापस मिले उनके पास यह विकल्प भी होगा कि वो अपनी फ्लाइट किसी वैकल्पिक रूट या एयरलाइन के साथ बुक कर सके मैं यह सुनिश्चित करूंगा कि टर्मिनल के ढांचे का गहन परीक्षण विशेषज्ञों द्वारा किया जाए ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके इसके अलावा एविएशन मिनिस्टर ने यह भी कहा कि केंद्र
सरकार देश के हर एक एयरपोर्ट की स्ट्रक्चरल जांच कराएगी इस बयान से इतर राजनैतिक बयान बाजियां भी हुई सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक दूसरे पर इल्जाम लगाए एक इमारत 15 साल पहले बनी 15 साल तक अपना काम मतलब वहां से जारी था अगर दुर्घटना हुई है तो उसकी जांच होनी चाहिए अगर कोई गलत कुछ पाया जाएगा तो उसको दुरुस्त करना चाहिए कोई जिम्मेदार अगर होगा तो उसके ऊपर एक्शन लेनी चाहिए लेकिन इसमें राजनीति कहां से आती है बड़ा अनफॉर्चूनेटली चाहिए के20 प्रधानमंत्री ने कहा मंडपम बनाया अब मंडपम बना के बाने बनाने के बावजूद भी पानी रुका हुआ है तो इससे
अंदाजा हो सकता है कि यह जो जितने ऑप्टिक्स के लिए काम किए जाते हैं ना इसका नतीजा य निकलता है आपको बुनियादी काम करने की जरूरत है ही दुर्भाग्यपूर्ण है सिविल एविएशन मिनिस्टर खुद गए हैं घटना स्थल पर उन्होंने उसका निरीक्षण किया है जल्द उस पर कारवाई होगी जो भी दोषी होंगे उनको कतई नहीं बक्शा जाएगा और आने वाले दिनों में पुनः ऐसी घटना ना घटे इसके लिए सरकार कमिटेड है ये राजनैतिक नूरा कुश्ती केवल आईजीआई वाली घटना को लेकर नहीं हुई जिस बारिश के बीच दिल्ली एयरपोर्ट की छत गिरी उसी बारिश ने राजधानी में अलग अलग जगह यह दृश्य [संगीत]
बनाए बारिश की आस लगाए बैठी दिल्ली की जनता का इंतजार खत्म हुआ लेकिन उन समस्याओं की पुनरावृत्ति भी शुरू हुई जो कमोवेश हर साल दिखती है सबसे पहले मिंटो ब्रिज का हाल दिखाते हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि अगर मिंटो ब्रिज के नीचे भरा हुआ पानी और उसमें डूबी हुई आधि कार की तस्वीर आ गई तो समझो दिल्ली में मानसून ने 10 तक दे दी इस साल भी मिंटो ब्रिज ने परंपरा कायम रखी ऐसी एक परंपरा बीते साल प्रगति मैदान टनल ने भी शुरू की थी जो इस साल भी नहीं टूटी दिल्ली का आजाद मार्केट अंडरपास जिसके बीचोंबीच एक बस पानी में डूबी है और यहां फंसे बेबस यात्रियों को
टायर ट्यूब के जरिए रेस्क्यू किया जा रहा है दिल्ली में बारिश ने आम जनता के साथ-साथ माननीयों के लिए भी मुसीबत पैदा की जरा इस घर का पता देखिए एबी 17 मथुरा रोड दिल्ली की जल मंत्री आत श मरलेना का घर बारिश का पानी आवास के अंदर कुछ ऐसा ही हाल सपा सांसद रामगोपाल यादव के आवास का भी दिखा कुछ देर बाद फिर यह वीडियो आया राम गोपाल यादव को संसद निकलना था लेकिन घर के अंदर और बाहर पानी घुटनों तक भरा था समस्या विकट लिहाजा उनका स्टाफ उ में उठाकर कार तक ले गया ये असल में एनडीएमसी तैयार नहीं रहता है इतना लेट बारिश हुई इसके बाद भी इन्होंने नालियां
साफ नहीं की जहां चौक होता है सारे पुराने कर्मचारियों को मालूम है अगर उसको साफ कर दे तो कभी यह नौबत ना आए राम गोपाल यादव का कहना है कि एनडीएमसी यानी न्यू दिल्ली मुंसिपल कॉर्पोरेशन की तैयारी नहीं थी नाले साफ नहीं किए गए दूसरी तरफ दिल्ली सरकार में विपक्षी पार्टियों ने भी अरविंद केजरीवाल सरकार पर हमला बोला चार साढ़े घंटा बीतने के बाद भी पानी के यहां देखिए कार आज भी डूबी है पानी अभी भी लगा हुआ है और आम आदमी पार्टी की सरकार गायब है नीचे के जो नाले हैं जिसको हम लोग पिछले एक डेढ़ महीने से हम अलग-अलग नालों पर जाकर के कह रहे हैं इसको साफ करो डी सिल्टिंग
करो यमुना जी के कई क्षेत्रों को तो वहां पर अरविंद केजरीवाल जी की सरकार जमीन पर ढूंढने से भी नहीं मिल रही है वह सिर्फ ब्लेम गेम और भ्रष्टाचार में लगी है और यह परिणाम की थोड़ी सी बारिश हुई और आज दिल्ली जलमग्न है 50 बीमारियां होने की खतरे हैं मौसम विभाग का कहना है कि दिल्ली में पूरे मानसून में औसतन 800 मिलीमीटर की बारिश होती है जबकि 24 घंटे में ही 228 मिलीमीटर की बारिश हो गई यह पूरे मानसून सीजन का 25 फीसद है पानी का फ्लो ज्यादा होने से दिल्ली की नालियां भी ओवरफ्लो हुई दिल्ली के कई इलाकों में जल जमाव हटने में घंटों का समय लगा स्थिति को कंट्रोल में
करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने एक हाई लेवल मीटिंग बुलाई इस मीटिंग में दिल्ली जल बोर्ड लोक निर्माण विभाग सिंचाई एवं बार नियंत्रण विभाग और दिल्ली मुंसिपल कॉर्पोरेशन और एनडीएमसी इसके अलावा दिल्ली पुलिस डीडीए और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल भी था इसके अधिकारी सबका एजेंडा एक दिल्ली की आपदा को ठीक तरीके से हैंडल किया जाए और हैंडलिंग के लिए चाहिए लोग सो इस मीटिंग में सारे अधिकारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी गई दो महीने तक सब छुट्टियों पर प्रतिबंध और दिल्ली में इमरजेंसी कंट्रोल रूम बनाने का आदेश भी आया इस पूरी जुगत पर दिल्ली सरकार
के मंत्रियों के भी बयान आए सुनते हैं मानसून की तकरीबन 25 पर बारिश हमने दिल्ली में देखी है इतनी ज्यादा बारिश 24 घंटे में होने से दिल्ली में कल रात से और खास कर के आज सुबह काफी जगह पर वाटर लॉगिंग हुआ क्योंकि पानी का फ्लो बहुत ज्यादा था जो हमारे कई ड्रेंस है चाहे एमसीडी के हो चाहे इरिगेशन फ्लड कंट्रोल डिपार्टमेंट के हो पानी का फ्लो ज्यादा होने की वजह से कई घंटे ड्रेंस का भी ओवरफ्लो रहा सभी डिपार्टमेंट्स को कहा गया है कि वो अपनी एक क्विक रिस्पांस टीम बनवा ले ताकि अगर किसी एरिया के अंदर वाटर लॉगिंग की शिकायत हो तो वह क्यू आरटी टीम
मौके पर जाके अगर किसी खास वजह से पानी रुक रहा है तो उसको कर ले कई बार देखा जाता है छोटे-छोटे छोटे-छोटे इश्यूज की वजह से पानी भर जाता ट्रैफिक पुलिस को कहा गया है हमने एरिया रिप्रेजेंटेटिव्स एमएलएस काउंसलर्स को कहा है कि वे अपने अपने तरफ से लिस्ट दे दें कि उनके इलाकों में कौन-कौन से वल्नरेबल एरियाज हैं जहां पे वाटर लॉकिंग देखी गई दिल्ली की बाढ के बाद चलते हैं संसद भवन जहां आज फिर से संसद के दोनों सदन 1 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिए गए आज लोकसभा और राज्यसभा में 27 जून को हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा होनी थी लेकिन विपक्ष
अड़ा था चर्चा नीट यूजी के कथित पेपर लीक पर भी हो नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जैसे ही नीट पर बोलना शुरू किया लोकसभा में यह नजारा देखा आप प्रतिपक्ष के नेता हैं आप संसदीय मर्यादाओं का पालन करेंगे ऐसी मेरी अपेक्षा आपसे माइक में बंद नहीं करता हूं पूर्व में भी आपको व्यवस्था दी थी यहां कोई बटन नहीं होता सर माइक तो दे दीजिए मैं आपको पूर्व में बता चुका हूं कि आप विषय राष्ट्रपति भाषण में रखें अभी आपका रिकर्ट में नहीं जाएगा इसलिए मेरा आग्रह है हिंदुस्तान के जो स्टूडेंट्स हैं उनको हम जॉइंट मैसेज देना चाहते थे हां दे आप
सुनिए सुनिए जॉइंट मैसेज देना चाहते थे अपोजिशन और सरकार के साइड से कि इस मुद्दे को हम जरूरी मानते हैं और इसीलिए हमने सोचा था कि आज स्टूडेंट्स की रिस्पेक्ट करने के लिए हम नीट पर डिस्कशन करें ठीक है आप डेडिकेटेड डिस्कशन अब अब बात यह है कि दो फोर्सेस हैं ठीक है नहीं माने ओके सभा पटल पर रखे जाने वाले पत्र आइटम नंबर तीन यह तो लोकसभा की बात हो गई राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और सांसद मल्लिकार्जुन खडग जब नीट पर बोलने लगे तो उनके साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ आज स्टूडेंट्स बहुत परेशान है नीट का एग्जामिनेशन बारबार 7 साल में 70 बार पेपर लीक होता है तो
क्या आई एम नॉट गेटिंग नो नो लीडर ऑफ द अपोजिशन इज एक्सपेक्टेड टू कन्फाइंड टू द इशू नो सर सॉरी सर सॉरी प्लीज सर सर सर बैठिए बैठिए प् प् प् प् टेक योर सीट टेक टेक योर सीट नथिंग विल रिकर्ड इन वीडियो के सामने आने के बाद कहा गया कि दोनों ही सदनों में कांग्रेस नेताओं के माइक ऑफ कर दिए गए विपक्ष ने आरोप लगाया सरकार उन्हें नीट पर बोलने नहीं देना चाहती जबकि लोकसभा के स्पीकर और राज्यसभा के सभापति यह कहते रहे कि विपक्षी सांसद राष्ट्रपति के भाषण पर अपनी बात केंद्रित रखें बाकी कुछ भी रिकॉर्ड पर नहीं जाएगा ऐसा भी स्पीकर और सभापति की ओर
से कहा गया लोकसभा में इधर राहुल गांधी स्पीकर ओम बिडला से दरख्वास्त करते रहे कि उनका माइक ऑन कर दिया जाए स्पीकर बिडला कहते रहे कि उनके पास कोई माइक का बटन नहीं है और यह गतिरोध चलता ही रहा और कुछ देर बाद लोकसभा अगले वर्किंग डे 1 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई घटना के बाद राहुल गांधी सदन से बाहर आकर प से बात की और यह बयान दिया हिंदुस्तान के स्टूडेंट से मैं कहना चाहता हूं यह आपका इशू है और हम सबको लगता है इंडिया गठबंधन को लगता है कि आज सबसे जरूरी बात आपकी है क्योंकि आप हिंदुस्तान के भविष्य हो तो हमें लगा कि यहां पर
पार्लियामेंट हाउस में नीट पर डिस्कशन हो और उसके बाद प्रेसिडेंट अड्रेस हो पाए और मैं रिक्वेस्ट करता हूं प्रधानमंत्री जी को कि यह युवाओं की इशू है और और अच्छी तरह प्यार से डिस्कशन होना चाहिए रिस्पेक्टफुली डिस्कशन होना चाहिए हम रिस्पेक्टफुली करेंगे आप भी डिस्कशन में जवाइन कीजिए आप भी भाग लीजिए और रिस्पेक्टफुली क्योंकि ये युवाओं का मामला है लोकसभा के समानांतर राज्यसभा में भी नूरा कुश्ती चली मल्लिकार्जुन खड़गे बोलते बोलते सदन की वेल में चले गए और खड़के जैसे ही वहां गए सभापति जगदीप धनकड़ ने से इतिहास पर दाग करार दिया आज का
दिन भारतीय संसद के इतिहास [प्रशंसा] [संगीत] में इतना दागी हो गया है कि प्रतिपक्ष के नेता स्वयं ल में आए ऐसा कभी नहीं हुआ है मैं पीड़ित [प्रशंसा] हूं मैं अचित हूं भारतीय संसदीय परंपरा इतनी गिर जाएगी प्रतिपक्ष में आएंगे टी लीडर ल में आएंगे संसद के बाहर आकर खड़गे ने पत्रकारों से बात की और यह बयान दिया नीट एग्जामिनेशन के जो इतने बड़े घोटाले हो गए पेपर लीक हो गया बच्चे परेशान है लाखों बच्चे परेशान है तो इन लोगों का जो समस्या है उसके तरफ ध्यान खींचने के लिए हमने स्पेसिफिक डिस्कशन मांगा राष्ट्रपति अभिभाषण पर डिस्टर्ब करना नहीं चाहते हम सिर्फ
उनके जो स्टूडेंट के मुद्दे हैं उसको उठाकर उनके सामने रखना चाहते थे कांग्रेस नेताओं के बयानों का जवाब एंडिए नेताओं की तरफ से भी आया सरकार किसी भी प्रकार की चर्चा के लिए तैयार है लेकिन सब परंपरा और मर्यादा के अंदर होनी चाहिए जब कल परम आदरणीय राष्ट्रपति महोदया जी ने अपने प्रारंभिक भाषण में परीक्षा के ऊपर खुद ही एड्रेस किया यह सरकार की इंटेंशन को प्रतीत करती है कि हम कोई भी विषय को सामना करने के लिए प्रस्तुत है जो तथ्य हम समाज में रखना चाहते हैं अगर आज प्रतिपक्ष धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए जिसको दोनों सदनों के अध्यक्ष ने उनको
यही परंपरा की याद दिलाई कि राष्ट्रपति अभिभाषण के उपरांत जो धन्यवाद प्रस्ताव होती है उस समय में कोई अर्जन में मोशन वगैरा स्तन आदेश वगर का कोई उसका परंपरा इस हाउस में नहीं है जब राष्ट्रपति जी ने खुद परीक्षा को उल्लेख किया है आप उसको धन्यवाद प्रस्त प्रस्ताव में बोलते हुए आप आपकी मत रखो आपको जो कहना है जो आलोचना करना है जो सुझाव देना है रखो और फिर से राज्यसभा भी सोमवार 1 जुलाई तक के लिए स्थगित कर दी गई बड़ी खबरें यहीं तक अब बात करते हैं सुर्खियों की दिन की पहली सुरखी झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ी है
हेमंत सोरेन को एक कथित जमीन घोटाले के मामले में आज झारखंड हाई कोर्ट ने जमानत दे दी सोरेन को 8.36 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे से संबंधित मनी लरिंग के केस में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने अरेस्ट किया था इस केस में जमानत के लिए सोरेन ने हाई कोर्ट में याचिका डाली थी 13 जून को इस पर सुनवाई पूरी हो गई थी और कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था और आज यानी 28 जून को जस्टिस आर मुखोपाध्याय ने सोरन को जमानत देने का फैसला सुनाया ईडी ने इसका विरोध किया था और कहा था कि व एक प्रभावशाली इंसान है जेल से बाहर जाने पर सबूतों को प्रभावित कर सकते हैं हेमंत
सोरेन ने कहा था कि उन पर लगाए आरोप बेबुनियाद हैं और यह मनी लरिंग का नहीं बल्कि राजनैतिक प्रतिशोध का मामला है जेल से बाहर आने के बाद हेमंत सोरेन अपने पिता झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन के पास आशीर्वाद लेने पहुंचे इस मौके पर उनकी पत्नी और विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद थी और फिर उन्होंने मीडिया से बात की अब अगर झारखंड की जनता किसी को सुनना चाहेगी मुझे लगता है कि अपने नेता हेमत सोरे जी को सुनना चाहेंगी और जिस पल का बेसब्र से इंतजार हम सभी लोग कर रहे थे की जनता कर रही थी सारे हमारे
पार्टी के लोग मुझे लगता जी सब क्या कहना चाहते बस आप सभी को बहुत बहुत धन्यवाद है कल्पना के बाद हेमंत सोरे ने भी मीडिया से बात की और यह कहा आपको पता है और पूरे देश को पता है कि मैं किस लिए जेल गया [संगीत] था और अतो गत्वा न्यायालय ने अपना न्याय सुनाया है दूसरी सुरखी भारतीय विदेश मंत्रालय से जुड़ी है आपको ध्यान होगा 26 जून को अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट के सेक्रेटरी एंथनी ब्लिंकन का बयान आया था कि अमेरिका भारत में धार्मिक रूप से हो रहे हमलो और हिट स्पीच को लेकर चिंतित है इन इंडिया वी सी अ कंसर्निंग इंक्रीस इन एंटी कन्वर्ज लस हेट स्पीच लिश हो ए प्लेस
ऑ वशिप फर मेंबर्स ऑफ माटी फेथ कम्युनिटी ब्लिंकन ने यह बयान उस मौके पर दिया था जब वो अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट द्वारा जारी की जाने वाली धार्मिक स्वतंत्रता रिपोर्ट के साल 2023 के संस्करण का अनावरण कर रहे थे अब भारत की ओर से अमेरिका के बयान पर काउंटर आया भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जैसवाल ने कहा अमेरिका की रिपोर्ट पक्षपात से भरी है और इन्हें भारत के सामाजिक ताने वाने की समझ नहीं है द रिपोर्ट इज डीप बायड लक्स अंडरस्टैंडिंग ऑफ इंडिया सोशल फैब्रिक एंड इ विजिबली ड्रिवन बाय वोट बैंक कंसीडरेशंस एंड अ प्रोस्क्रिप्टिव आउटलुक दिन की तीसरी
सुरखी महाराज से आई जहां पर बजट में छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश की तर्ज पर 21 से 60 साल तक की महिलाओं के लिए जो एलिजिबल है 00 की मासिक राशि का ऐलान किया गया है इसके अलावा भी चुनावी बरस में महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे देवेंद्र फडणवीस सरकार ने कई ऐलान किए इनके बारे में बता रहे हैं न्यूज़ रूम से हमारे साथी सिद्धांत मोहन महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और जो सूबे के वित्तमंत्री हैं अजीत पंवार उन्होंने आज विधानमंडल ल में जो बजट था वह पेश किया बजट में जो महत्त्वपूर्ण अनाउंसमेंट था कि राज्य की 21 से 60 वर्ष की महिलाओं को हर महीने 00 का मासिक भत्ता
दिया जाएगा यह जुलाई महीने से चालू होगी य योजना इसके अलावा मुख्यमंत्री अन्नपूर्णा योजना भी प्रदेश में लागू लागू की जाएगी जिसमें पांच लोगों के परिवार को जो पात्र परिवार हैं उनको हर साल तीन गैस सिलेंडर मुफ्त में दिए जाएंगे 44 लाख किसानों का बिजली का बिल बकाया माफ किया जाएगा और जो लड़कियों को प्रोफेशनल कोर्सेस में दाखिला लेना है प्रोफेशनल कोर्सेस एज इन इंजीनियरिंग और एमबीबीएस और ऐसे कोर्सेस तो उनमें दाखिला और तमाम पढ़ने की प्रक्रिया मुफ्त होगी सारा खर्च सरकार उठाएगी अनाउंसमेंट हुए विपक्षी खेमे से भी प्रतिक्रिया आई उद्धव ठाकरे यूबीडी उद्धव
जो सेना है उसके मुखिया और पूर्व मुख्यमंत्री उन्होंने कहा कि जो मतलब जो कहा उसका जो अनुवाद अगर करू तो उसका निकलेगा कि चद्दर लगी फटने तो खैरात लगी बटने यानी उनका तंज था आगामी जो अक्टूबर नवंबर के महीने में मध्य महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव आने वाले हैं उसको देखते हुए सत्ता पक्ष जब हालत खराब हुई तो उन्होंने इस तरह के निर्णय लिए हैं ऐसे उद्धव ठाकरे के इशारे थे यह था आज का ललन टॉप शो शो में सरकारों की नीतियों की बात होती है बात व्यक्तियों की भी कभी-कभी हो जाती है अक्सर तब जब वह दुर्घटना का शिकार होते हैं सरकारों की लापरवाही के चलते और
तब याद आती है कविता यह कुवन नारायण की कविता है जिसका शीर्षक है हम आंकड़े नहीं आदमी हैं एक बार मुझे आंकड़ों की उल्टियां होने लगी गिनते गिनते जब संख्या करोड़ों को पार करने लगी मैं बेहोश हो गया होश आया तो मैं अस्पताल में था खून चढ़ाया जा रहा था ऑक्सीजन दी जा रही थी कि मैं चिल्लाया डॉक्टर मुझे बुरी तरह हंसी आ रही है यह हंसाने वाली गैस है शायद प्राण बचाने वाली नहीं तुम मुझे हंसने पर मजबूर नहीं कर सकते इस देश में हर एक को अफसोस के साथ जीने का पैदायशी हक है वरना कोई माने नहीं रखती हमारी आजादी और प्रजातंत्र बोलिए नहीं नर्स ने कहा बेहद क कमजोर हैं आप
बड़ी मुश्किल से काबू में आया है रक्तचाप डॉक्टर ने समझाया आंकड़ों का वायरस बुरी तरह फैल रहा आजकल सीधे दिमाग पर असर करता भाग्यवान है आपकी बच गए कुछ भी हो सकता था आपको सन्निपात की आप बोलते ही चले जाते या पक्षाघात कि हमेशा के लिए बंद हो जाता आपका बोलना मस्तिष्क की कोई भी नस फट सकती थी इतनी बड़ी संख्या के दबाव से हम सब एक नाजुक दौर से गुजर रहे हैं तादाद के मामले में उत्तेजना घातक हो सकती है आंकड़ों पर कोई दवा काम नहीं कर शांति से आप बच ले अगर बच गए तो आप करोड़ों में एक होंगे अचानक मुझे लगा खतरों से सावधान कराते संकेत चिन्ह में बदल गई थी डॉक्टर की सूरत
और मैं आंकड़ों का काटा चीखता चला जा रहा था कि हम आंकड़ा नहीं आदमी है यह सच है हमारे समय का इन सबके बीच अपना और अपनों का ख्याल रखिए और उम्मीद करिए कि सरकार भी आपका ख्याल रखेगी शुभरात्रि [संगीत]

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