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Rahul Gandhi, PM Modi की फोटो संसद से वायरल, Akhilesh ने Speaker कुर्सी पर क्या कहा? Sansad Me Aaj

 


इस हाउस का कैरेक्टर बदल चुका है सर अब बीजेपी स्टीम रोल नहीं कर पाएगी नागरिकों से उनकी आजादी छीन गई किसी भी जनप्रतिनिधि की आवाज दबाई ना जाए और ना ही निष्कासन जैसी कारवाई दोबारा सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाए प् बै इनको ज्ञान नहीं है उस पर साढ़े घंटे त डिबेट हुई थी चलो बैलिए कॉन्फिडेंट ट यू विल अला अस टू रिप्रेजेंट आवर वॉइस अलाउ अस टू स्पीक अलाउ अस टू रिप्रेजेंट द वॉइस ऑफ द पीपल ऑफ इंडिया जब एक उंगली आप किसी की तरफ उठाते हैं तो बाकी उंगलियां आपकी तरफ उठती हैं जब आप सत्ता पक्ष से किसी एक आचरण की उम्मीद रखते हैं तो वही उम्मीद हम लोग भी

आपके राज्य में उसी आचरण की उम्मीद रखते माननीय अध्यक्ष महोदय आदरणीय प्रधानमंत्री जी ने इस सवाग आदरणीय अमित शाह जी ने आपके चेहरे को ये मीठी मीठी मुस्कान पूरे सदन को भी प्रसन्न रखती है मैं अध्यक्ष जी किसको कहूं कि ये कुर्सी और ऊंची हो जाए मैं आपकी पीठ के पीछे देख रहा हूं पत्थर तो सही लगे हैं सब कुछ अच्छा लगा है लेकिन कुछ दरार में मुझे कुछ सीमेंट अभी भी लगा दिखाई दे रहा है देखकर मुझे 1963 की एक फिल्म बंदनी का एक मशहूर गीत याद आ रहा है ओ जाने वाले हो सके तो लौट के आना यह घाट तू यह बाट कहीं भूल ना जाना 18वीं लोकसभा के
पहले सत्र का तीसरा दिन भी काफी दिलचस्प रहा ट्विस्ट एंड टर्न से भरपूर भारत के इतिहास में तीसरी बार स्पीकर के चुनाव की नौबत आई और ओम बिरला बनाम के सुरेश का मुकाबला भारतीय लोकतंत्र का एक ट्रिविया भी है और जीके का एक सवाल भी लेकिन स्पीकर के चुनाव में जैसी आतिशबाजी की उम्मीद हम 24 और 25 जून को लगा रहे थे वो देखने को नहीं मिली लेकिन संसद चले और कोई मैटर ना हो अब यह कैसे होगा ओम बिरला के चुनाव में मत विभाजन की नौबत नहीं आई और राहुल गांधी ने उन्हें बधाई भी दे दी तो लगा कि सब ठीक होगा लेकिन दिन की कार्रवाई खत्म होते-होते जब इमरजेंसी का जिक्र छिड़ा तो
खूब हंगामा हुआ क्योंकि विषय जैसे हमने बताया टची साय यानी आज का दिन भी मसालेदार ही था किसी ने स्पीकर की कुर्सी के पीछे की दीवार का जिक्र किया कोई सीमेंट की बात करने लगा तो किसी ने उंगली उठाने को लेकर शायराना तंज कसा भरे सदन में जम्मू कश्मीर को लेकर एक सांसद ने कौन सी बात कह दी कि स्पीकर अपना गुस्सा नहीं रोक पाए और किसने उठा दिया स्पीकर पर ही सवाल यह सब बताएंगे संसद में आज की इस ताजा किस्त [संगीत] में लोकसभा की कारवाई सुबह 11:00 बजे शुरू हुई सदन में स्पीकर का चुनाव होना था लिहाजा सदन में सारे दलों के लगभग सभी सांसद मौजूद थे सत्ता पक्ष की ओर से पहली
लाइन में प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री बैठे थे तो विपक्ष की ओर से पहली लाइन में मोर्चा संभाला था नए-नए नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने और अखिलेश यादव तैयारी सबकी पूरी थी स्पीकर के लिए एनडीए की तरफ से ओम बिल्ला और विपक्ष की तरफ से के सुरेश के बीच मतदान होना था नतीजा भी लगभग तय था लेकिन फिर भी स्पीकर के चुनाव में विपक्ष ने अपने कैंडिडेट को उतार सत्र की पहली ही परीक्षा में एक मैसेज देने की कोशिश की कि पिछले 10 साल की तरह इस बार सरकार की राह आसान नहीं होगी सदन की कारवाई शुरू होती है सबसे पहले उन सांसदों को शपथ दिलाई गई
जिनकी शपथ 24 और 25 जून को किसी वजह से नहीं हो पाई थी महासचिव की ओर से केरल से सांसद शशि थरूर जेल में बन सांसद अमृतपाल सिंह शत्रुगन सिन्हा इन सबके नाम लिए गए लेकिन यह सांसद सदन में मौजूद नहीं थे इसके बाद जो सांसद सदन में मौजूद थे उनका शपथ ग्रहण हुआ 11:3 पर स्पीकर को चुनने का प्रस्ताव सदन के पटल पर रखा गया स्पीकर के चुनाव के लिए 16 सांसदों ने प्रस्ताव दिया था पहला प्रस्ताव प्रधानमंत्री मोदी ने रखा जिसमें ओम बिरला का नाम था इसे एनडीए के सभी सहयोगियों ने समर्थन दिया महोदय मैं प्रस्ताव करता हूं कि श्री ओम बिरला जो इस सभा के सदस्य है को इस सभा के
अध्यक्ष के रूप में चुना जाए विपक्ष की ओर से के सुरेश के नाम का प्रस्ताव सबसे पहले गणपति सावंत की ओर से रखा गया जिसके बाद ध्वनि मत से स्पीकर के नाम का फैसला हुआ और ओम बरला स्पीकर चुन लिए गए द क्वेश्चन इ ट श्री ओम बिरला ए मेंबर ऑफ दिस हाउस ब चोजन एस द स्पीकर ऑफ दिस हाउस दोस इन फेवर में से दो अगेंस्ट में से नो आई थिंक द आ [प्रशंसा] है द मोशन इ अडॉप्टेड श्री ओम बिरला इ डिक्लेयर्ड इलेक्टेड एज द स्पीकर ऑफ दिस [संगीत] हाउस सिंस द फर्स्ट मोशन मूव्ड बाय श्री
नरेंद्र मोदी हैज बीन अडॉप्टेड ओम बिल्ला के स्पीकर चुने जाने के बाद सदन से लोकतंत्र की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई प्रधानमंत्री संसदीय कार्यमंत्री किरण रिजिजू के साथ जब ओम बला की कुर्सी तक जा रहे थे उस दौरान किरण रिजिजू ने विपक्ष में बैठे राहुल गांधी को इशारा कर साथ आने को कहा कि आप भी आइए बीते कुछ समय में टीशर्ट में रहने वाले राहुल आज खता पैजामा पहन के पहुंचे थे राहुल उम बिडला की कुर्सी तक गए फिर पहले उम बिडला और बाद में प्रधानमंत्री से उन्होंने हाथ मिलाया जब पक्ष विपक्ष के बीच य सौजन्य नजर आया तो जनता के दिमाग में सवाल पैदा हुआ कि कल
तक यह एक इंच भी पीछे हटने से इंकार कर रहे थे पक्ष और विपक्ष आज कैसे राजी हुए धनी मत पे स्पीकर के चुनाव के लिए वोट क्यों नहीं पड़ा जिसे लोकसभा के संदर्भ में मत विभाजन कहा जाता है इसका जवाब दिया कांग्रेस के राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सांसदों ने डिवी मागा था पर डिजन दिया नहीं हमने नहीं मांगा लोग मैं आपको औपचारिक तौर से कह रहा हूं हमने डिवीजन नहीं मांगा क्योंकि हमने उचित समझा कि पहले दिन एक आम सहमति बने एक आम सहमति का माहौल बने एक रचनात्मक कदम था हमारा ओ बला के स्पीकर का पद संभालने के बाद सदन की कारवाई एक बार फिर शुरू हुई
प्रधानमंत्री ने उम बिला को बधाई दी और लगे हाथ उनकी मुस्कान की भी तारीफ कर दी आदरणीय अध्यक्ष जी हमारे शास्त्रों में कहा गया है कि विनम्र और व्यवहार कुशल व्यक्ति सफल सहज रीत से होता है और आपको तो उसके साथ-साथ एक मीठी मीठी मुस्कान भी मिली हुई है आपके चेहरे को ये मीठी मीठी मुस्कान पूरे सदन को भी प्रसन्न रखती है मुझे विश्वास है आप हर कदम पर नए प्रतिमान नए कीर्तिमान गते आए हैं प्रधानमंत्री के बाद विपक्ष की ओर से राहुल गांधी नए स्पीकर को धन्यवाद देने के लिए खड़े हुए 18वीं लोकसभा के पहले भाषण में राहुल गांधी ने वो मांग कर दी जिसकी
शिकायत विपक्ष लगातार 10 साल से कर रहा है ने कहा कि मुझे भरोसा है कि आप हमें हमारी आवाज उठाने देंगे कॉन्फिडेंट ट यू विल अलाउ अस टू रिप्रेजेंट आवर वॉइस अलाउ अस टू स्पीक अलाउ अस टू रिप्रेजेंट द वॉइस ऑफ द पीपल ऑफ इंडिया स्पीकर सर द क्वेश्चन इज नॉट हाउ एफिशिएंटली द हाउस ज रन द क्वेश्चन इज हाउ मच ऑफ इंडियाज वॉइस इज बीइंग अलाउड टू बी हर्ड इनस सो द आइडिया स्पीकर सर सो द आइडिया दैट यू कैन रन द हाउस एफिशिएंटली बाय साइलेंसिंग द वॉइस ऑफ द अपोजिशन इज ए नॉन डेमोक्रेटिक आइडिया एंड दिस इलेक्शन हैज शोन राहुल की बात चल रही है तो आपको बता दें कि आज
स्पीकर ओम बिल्ला ने राहुल गांधी को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दे दी रिकॉग्नाइज कर लिया जैसा कहते हैं चेयर में कांग्रेस ने 25 जून को लोकसभा सचिवालय को सूचना दी थी कि पार्टी राहुल को एलोपी बनाना चाहती है आज स्पीकर ने इस पर सहमति दे दी और लोकसभा सचिवालय से इस बाबत एक अधिसूचना भी जारी कर दी गई इसी के साथ 10 साल बाद लोकसभा को नेता प्रतिपक्ष मिल गया है राहुल गांधी के बाद बोलने की बारी आई कन्नौद से सांसद अखिलेश यादव की अखिलेश यादव भी राहुल की तरह पहले दिन ही बिल्कुल फॉर्म में दिख रहे थे सदन में विपक्ष की आवाज ना देवे इस लेकर उन्होंने स्पीकर से
खास निवेदन किया फिर मुस्कुराते हुए ऐसी बात कह दी कि पीछे बैठी उनकी पत्नी और सांसद डिंपल यादव भी अपने मुस्कान नहीं रोक पाए हम सबकी आपसे अपेक्षा है कि किसी भी जनप्रतिनिधि की आवाज दबाई ना जाए और ना ही निष्कासन जैसी कारवाई दोबारा सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाए आपका अंकुश विपक्ष प तो रहता ही है लेकिन आपका अंकुश सत्ता पक्ष प भी रहे अध्यक्ष महोदय आपके इशारे पर सदन चले इसका उल्टा ना हो हम आपके हर न्याय संगत फैसले के साथ खड़े हैं विधानसभा छोड़कर संसद पहुंचे
अखिलेश यादव ने स्पीकर की कुर्सी और नए संसद भवन के निर्माण को लेकर इशारों इशारों में तंस भरा मजाक भी किया अखिलेश ने कहा कि मुझे लगा कि सदन में स्पीकर की कुर्सी ऊंची होगी अब मैं किससे कहूं कि सदन की कुर्सी और ऊंची हो जाए मैं आपकी पीठ के पीछे देख रहा हूं पत्थर तो सही लगे हैं लेकिन कुछ दुरार में मुझे कुछ सीमेंट अब भी लगा दिखाई दे रहा है मैं सदन में पहली बार आया हूं ये नए सदन में मुझे लगा कि हमारे स्पीकर की कुर्सी बहुत ऊंची होगी क्योंकि मैं जिस सदन को छोड़ के आया हूं अध्यक्ष जी उसकी कुर्सी बहुत ऊंची है उस समय भी मैं अध्यक्ष जी किसको कहूं कि यह
कुर्सी और ऊंची हो जाए जहां यह नया सदन है वही मैं आपकी पीठ के पीछे देख रहा हूं पत्थर तो सही लगे हैं सब कुछ अच्छा लगा है लेकिन कुछ दरार में मुझे कुछ सीमेंट अभी भी लगा दिखाई दे रहा है अध्यक्ष महोदय मुझे उम्मीद है आप जितना सत्ता पक्ष का सम्मान करेंगे उतना ही विपक्ष का सम्मान कर कर के हमें भी अपनी बात रखने का मौका देंगे विपक्ष के हर सांसद की ओर से बार-बार 17वी लोकसभा में हुए सस्पेंशन का मुद्दा उठाकर सत्ता पक्ष को घेरने की कोशिश हो रही थी इस बीच सत्ता पक्ष की ओर से जवाब देने का मोर्चा संभाला लोक जनशक्ति पार्टी राम विलास के प्रमुख
और मोदी सरकार में मंत्री चिराग पासवान ने चिराग ने विपक्षी सांसदों को नसीहत देते हुए कहा कि एक उंगली आप उठाएंगे तो आपकी ओर भी कई उंगलियां उठ जाएंगे हम लोग चुनाव बाहर लड़कर आ गए हैं मैं तमाम साथियों से यही आग्रह करूंगा कि जहां चुनाव लड़ना था हम लोग लड़ चुके हैं अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि अपने अपने क्षेत्र के मुद्दों को हम लोग यहां पर रखें और अपने देश को आगे लेकर जाने की जिम्मेदारी के साथ हम लोग यहां पर कार्य करने का प्रयास करें सर आज सिर्फ आपको बधाई देने के उद्देश्य से हम लोग खड़े हुए हैं पर हां कई बार जब विपक्ष के द्वारा कई बातें कही
जाती हैं मैं इतना भी मैं जरूर आग्रह करूंगा कि जब एक उंगली आप किसी की तरफ उठाते हैं तो बाकी उंगलियां आपकी तरफ उठती हैं जब आप सत्ता पक्ष से किसी एक आचरण की उम्मीद रखते हैं तो वही उम्मीद हम लोग भी आपके राज्य में उसी आचरण की उम्मीद रखते हैं कई राज्य के ऐसे उदाहरण है मैं नाम लेना नहीं चाहूंगा पर जब आप स्पीकर के पद की बात करते हैं आप डेप्युटी स्पीकर के पद की बात करते हैं तो कई राज्य ऐसे हैं जहां पर स्पीकर का पद और डेप स्पीकर का पद भी आप ही के पास है जहां पर सरकार एनडीए का कोई घटक दल नहीं चला रहा विपक्ष के दल चलाने का काम कर रहे ऐसे स सदन में एक
वक्त ऐसा भी आया जब स्पीकर ओम बिला की तरफ से शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर को टोका गया हरसिमरत कौर ने जैसे बिना नाम लिए कांग्रेस आम आदमी पार्टी और बीजेपी को घेरना शुरू किया ओम बिल्ला की तरफ से इस पर नाराजगी जाहिर की गई इस सदन में खड़े होकर मैं इस चीज का फिक्र करती हूं कि जहां इस हाउस में मैंने पिछले इलेक्शन में देखा कि कई ऐसी पार्टियां जो राज्य में एक दूसरे के साथ बड़ी डिफरेंसेस रखती हैं लड़ती हैं लेकिन इधर पहुंचने के लिए समझौते कर बैठी हैं भाषण बाद में देना आप और सर कई कई ऐसे लोग जो कई कई सा काफी समय से एक साइड थे अब वो
कुसी के खाते धर पहुंचे सो सब मेरा कहने का मतलब कि जब मैं एक रीजनल पार्टी की इकलौती महिला मेंबर जब यहां हूं मुझे इस चीज का फिक्र है कि ना हम इस तरफ तो ना हम इस तरफ लेकिन हम अपने पंजाब और पंजाबियों के लोगों की आवाज उठाने के लिए जब मैं यहां पर खड़ी होंगी मैं आपसे यही उम्मीद करती हूं सर कि आप हमारे छोटी पार्टियों की तरफ छोटे कम्युनिटीज की तरफ माइनॉरिटी की तरफ भी आप वही निगाह के साथ जैसे आप बड़ी पार्टियों को देंगे हमारे आरक्षण भी आप करेंगे हमें भी आप मौका देंगे सदन में 12:2 के आसपास माहौल थोड़ा गर्म भी हुआ जब स्पीकर की ओर से सदस्यों को सिर्फ एक मिनट
के भीतर अपनी बात समेटने को कहा गया पहले दिन स्पीकर ओम बिल्ला ने सदस्यों को डाट लगाते हुए सख्त लहजे में कह भी दिया कि जब स्पीकर सीट से खड़ा हो जाता है तो माननीय सदस्यगण बैठ जाया करें ये मैं पहली बार कह रहा हूं मुझे 5 साल कहने का अवसर नहीं मिलना चाहिए एक एक मिनट बोलना एक एक मिनट प्लीज एक एक मिनट प्लीज बैठिए प्लीज बैठिए प्लीज असा उद्दीन ओबैसी जी एक एक मिनट बोलना एक एक मिनट प्लीज बैठिए बैठिए माननीय सदस्य गण जब स्पीकर सीट से खड़ा हो जाता है तो मैं माननीय सदस्यों को अवगत कराना चाहता हूं व बैठ जाए करें यह मैं पहली बार कह
रहा हूं मुझे पा साल कहने का अवसर नहीं मिलना चाहिए असा उद्दीन ओबैसी जी सर मैं लोकसभा को भले ही आज नए स्पीकर मिल गए लेकिन इस बीच बार-बार कुछ पार्टियों की ओर से डेप्युटी स्पीकर के पद की मांग को भराया गया ऐसी एक मांग को लेकर जब असदुद्दीन ओवैसी ने ओम बला से आग्रह किया तो देखिए उसके बाद क्या हुआ आप इस हाउस के रिपोजिटरी है कस्टोडियन है मगर हकीकत यह है कि अक्सर जमात के पास नंबर है मगर उनके पास अक्सर की ताकत नहीं है यहां अपोजिशन के पास अक्सर की आवाज भी है तो इसीलिए मेरी आपसे गुजारिश है कि आप छोटी पार्टियों को मौका दीजिए और मुझे यकीन है
कि आप 17वी लोकसभा में जिस शफकत का मजहरा मुझ पर किया हम छोटी पार्टियों पर मैं उस समुदाय से आता हूं जोस ऐवा में सिर्फ 4 फीसद है तो हमको आवाज उठाने की आवाज दीजिए सर आखिर में सर आखिर में मुझे यकीन है कि आप वहां पर बैठे हैं तो यह ऐवा कीमती हीरे की तरह ना सिर्फ इस मुल्क की आवाम में दुनिया में चमकेगा और आप के बोझ को यह सरकार कम करेगी डिप्टी स्पीकर बनाकर इतना बोझ आप पर नहीं डालना चाहिए मैं मुबारकबाद देता हूं सर आपको मैं मुबारकबाद बात देता हूं कि आप छोटी पार्टियों पर यह एवान अपोजिशन और छोटी पार्टियों का भी है हमको आप आवाज का मौका देंगे इस हाउस का
कैरेक्टर बदल चुका है सर इस हाउस का कैरेक्टर बदल चुका है अब बीजेपी स्टीम रोल नहीं कर पाएगी हम आपसे मुबारकबाद आज सदन में एक बार फिर अनुच्छेद 370 का मुद्दा उठ गया नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद आगा सैयद राहुला मेहदी की ओर से मुद्दा उठाया कि उन्होंने आरोप लगाया कि एक मिनट में य बिल लाया गया और पारित भी कर दिया गया इस आरोप के तुरंत बाद स्पीकर की ओर से सांसद को टोका गया और कहा गया कि आपको ज्ञान नहीं है उस पर साढ़े घंटे तक डिबेट हुई थी उस विषय प इसी तरह से मिट प्ली बैठो एक मिनट बैठिए बैठिए एक मिनट बैठ माननीय सदस्य गण यह सदन का पहला दिन है आप बोलते समय क्या
टिप्पणी कर रहे हैं उसका ध्यान रखो अभी कार्यकाल को देखो उसके बाद टिप्पणी करो बात कर रहा हूं मैं यह गुजारिश करूंगा सबसे बड़ा इरा है जम्हूरियत का यहां पर ऐसी मिसाल नहीं होनी चाहिए थी और आप उसके कस्टोडियन थे जब 370 की बिल एक मिनट में लाई गई और आधे घंटे में पास की गई आधे घंटे में पास की गई प्लीज बैठिए आप रए इनको ज्ञान नहीं है उस पर ढ़ घंटे तक डिबेट हुई थी चलो बैठे चलिए तमाम सदस्यों के अभिवादन के बाद ओम बिल्ला अपनी कुर्सी से खड़े हुए उन्होंने सदस्यों के अभिवादन के लिए शुक्रिया कहने के साथ-साथ बातों बातों में उस बात की झलक
दिखा दी कि आने वाले दिनों में वह बतौर स्पीकर एक्शन मोड में रह सकते हैं अगर हंगामा होता है तो लेकिन मेरी अपेक्षा रहेगी कि निर्भग रूप से संच सदन चले यह मेरी आपसे अपेक्षा रहेगी हम सब लोग यहां पर चुनकर आते हैं और जनता की बहुत अपेक्षा से आते इसलिए मैं बारबार आग्रह करता हूं कि सदन में गतिरोध नहीं होना चाहिए सदन में आलोचना हो विचार व्यक्त हो अभिव्यक्ति हो लेकिन गतिरोध सदन की परंपरा नहीं है बेल में आना सदन की परंपरा नहीं मेरी कोशिश रहेगी कि जो संसदीय मर्यादा है उसका पालन करने की जिम्मेदारी आपने मुझे दी है और मैं उसका पालन करूंगा मैं कभी माननी
सदस्यों के खिलाफ कोई कारवाई नहीं करना चाहता लेकिन आप सब भी यह चाहते हैं कि सदन की उच्च कोटी परंपरा प्र पाटिया लागू रहे इसके लिए मुझे कठोर निर्णय लेने पड़ते हैं मेरी इस 18वीं लोकसभा में अपेक्षा रहेगी कि हम सब लोग बहुत अच्छा संवाद करें उच्च कोटी की संवाद करें चर्चा करें ला का भाषण खत्म होने के बाद कैबिनेट से सदन का परिचय कराने के लिए प्रधानमंत्री अपनी कुर्सी से उठे समय हो रहा था 1256 प्रधानमंत्री की ओर से तमाम मंत्रियों के बीच जैसे ही शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम लिया गया विपक्ष की ओर से शोर होने लगा कि
शोर इसलिए था क्योंकि बीते दो हफ्तों में एक-एक कर कई पेपर लीक हुए या ऐसा इल्जाम लगा कुछ अंतिम समय पर कैंसल हुए जिसे लेकर मंत्री और मंत्रालय पर सवाल उठ रहे हैं श्री धर्मेंद्र प्रधान शिक्षा मंत्री श्री जीतन राम मांजी माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज मंत्री विपक्ष की ओर से निंदा और शोर करने के बाद अब बारी थी सत्ता पक्ष की ओम बेरला की ओर से सदन में इमरजेंसी का जिक्र कर निंदा की गई तो हंगामा मचा यह सदन 1975 में देश में आपातकाल इमरजेंसी लगाने के निर्णय की कड़े शब्दों में निंदा करता है इसके साथ ही हम उन सभी लोगों की संकल्प
शक्ति की सराना करते हैं जिन्होंने इमरजेंसी का पुन विरोध किया अबू संघर्ष किया और भारत के लोकतंत्र की रक्षा का दायित्व निभाया भारत के इतिहास में 25 जून 1975 के उस दिन को हम हमेशा काले अध्याय के रूप में जाना जाएगा इस दिन तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी ने देश में इमरजेंसी लगाई और बाबा साहब अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान पर प्रचंड प्रहार किया था भारत की पहचान पूरी दुनिया में लोकतंत्र की जननी के तौर पर है भारत में हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों और वाद संवाद का समर्थन हुआ हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों की सुरक्षा की उन्हें हमेशा प्रोत्साहित
किया गया ऐसे भारत पर श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा तानाशाही थोप दी गई भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों को कुसला गया और अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोटा गया इमरजेंसी के दौरान भारत के नागरिकों के अधिकार नष्ट कर दिए गए नागरिकों से उनकी आजादी छी संसद का शोर कम होने की जगह और बढ़ता जा रहा था विपक्ष की ओर से भी हंगामा हो रहा था तो सत्ता भी शान बैठने के मूड में नहीं थी इस बीच स्पीकर की ओर से आपातकाल के दौरान जिनकी मृत्यु हुई थी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए दो मिनट के मौन की घोषणा हुई और इसके बाद सभी सदस्य दो मिनट के मौन के लिए अपनी-अपनी
जगह पर खड़े भी हुए श्रद्धांजलि दी गई और सदन की कारवाही को फिर स्थगित कर दिया गया अगले रोज के लिए सदन में आज जो कुछ हुआ जो तस्वीरें आई विपक्ष की ओर से जिन बातों का जिक्र कर सत्ता पक्ष को घेरा गया सत्ता पक्ष की ओर से जो पलटवार किए गए जो तंस कसे गए हमने आपको सब हूबहू तरीके से वैसे ही दिखाया आपको हमारा यह शो कैसा लगा हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताइएगा आपके लिए यह शो लिखा था हमारे साथी सुप्रिया ने और उे रिकॉर्ड किया था प्रशांत ने आप देखते रहिए द ललन टॉक [संगीत]

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