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उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग में भगदड़ बचाने से 115 से ज्यादा लोगों की मौत

 उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग में भगदड़ बचाने से 115 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है हादसे के बाद अस्पताल में लाशों का ढेर लगा हुआ है इसी बीच एक खबर यह भी आई की ड्यूटी पर तैनात एक सिपाही की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी कहा जा रहा था कि शाबू की व्यवस्था के लिए सिपाही की ड्यूटी लगाई गई थी इसी घटना पर एटा पुलिस ने एक नई जानकारी दी है पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक पर एक वीडियो शेयर करके बताया कि


सिपाही की मौत और हाथरस में मची भगदड़ का कोई संबंध नहीं है उन्होंने क्या कुछ कहा सुनिएनहीं जा सकताहै कप्तान साहब कह रहे हैं कि यह घटना किसी और जगह की है लेकिन सवाल यह है कि जब अधिकारी बीमार होते हैं तो फटाक से छुट्टी ले लेते हैं लेकिन अगर उसे सिपाही की तबीयत ठीक नहीं थी तो उसे छुट्टी क्यों नहीं दी गई उसे सिपाही की ड्यूटी क्यों लगा रखी थी इसका जवाब तो देना ही होगा कप्तान साहब क्योंकि 30 साल के एक सिपाही की जान हार्ट अटैक से गई है इस हादसे के बाद

मंगलवार देर रात सिकंद्राराऊ थाने के दरोगा ने 22 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई इसमें मुख्य आयोजक देव प्रकाश मधुकर का नाम है बाकी सब अज्ञात है हैरान करने वाली बात यह है कि इसमें मुख्य आरोपी भोले बाबा उर्फ हरिनारायण सरकार का नाम ही नहीं है हादसे के बाद से बाबा अंडरग्राउंड हैपुलिस रात भर

उसकी तलाश में छापेमारी करती रही इस बीच इस मामले की सीबीआई जांच को लेकर वकील गौरव द्विवेदी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में पल भी दायर की है आपको बताते चलें कि 2 जुलाई को हाथरस के प्रतिभानपुर में एक सत्संग कार्यक्रम चल रहा था कार्यक्रम के समापन के दौरान भगदड़ मच गई लोग बाहर निकालने की कोशिश में दूसरों को कुचलते हुए निकल गए इस अप्राध्यपी में बच्चे और महिलाएं भी फंस गए व्रत में महिलाओं और बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा है कई घायलों की हालत गंभीर बताई

जा रही है आरोप लगाया जा रहा है कि सत्संग स्थल पर व्यवस्था इतनी लाचार थी कि भगदड़ के बाद शवों को अस्पताल पहुंचने में मशक्कत करनी पड़ी कोई बाइक पर तो कोई ऑटो में सब रखकर अस्पताल पहुंचा हाथरस हाथ से के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 22 लख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए देने की घोषणा की है वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देनेजाएगायह हादसा है या

साजिशयह भी हम इसकी बाहों में जाकर के इसको देखेंगेइस प्रकार की घटना पर पीड़ितों की प्रति संवेदना व्यक्त करने की बजायराजनीति करनाकी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और निंदनीय भी यह समय पीड़ितों के गावो पर मलहम लगाने का है पीड़ितों के प्रति संवेदना का हैसरकार इस मामले में पहले से संवेदनशील है और सरकार इस मामले की तरह में जाकर के साजिश कर्ताओं को भी और इस घटना की जिम्मेदार जो है उनको भी उचित सजा देगी इस पूरे मामले पर हमारी नजर लगातार बनी हुई है आगे जो भी अपडेट आएगा हम आप तक यह भी पहुंचाते रहेंगे आपके लिए तमाम

जानकारी लेकर आए थे हमारे साथ ही विभावरी परिणाम है विकास वर्मा देखते रहिए दी ललित शुक्रियाविद द नेम विद थे हंट की द फर्स्ट स्टेपद राइट डोमेन इस आउट थेरे एंड क्रिएट योर साइटकनेक्ट एंड ग्रो योर सोशल मीडिया फॉलोइंग एंड स्टे इन टच की ईमेल मार्केटिंग गेट ऑनलाइन टुडे की गो डैडी स्टार्ट फॉर फ्री एट गोदावरी डॉट आयरन 


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