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Rahul Gandhi Loco Pilots से मिलने New Delhi Railway Station पहुंचे तो BJP ने CCTV में क्या दिखाया?

 राहुल गांधी ने लिखा नेता विपक्ष राहुल गांधी ने नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर लोको पायलट से मुलाकात की यह लोको पायलट देश की लाइफ लाइन कहीं जाने वाली रेलवे की रीड है उनके जीवन को सरल और सुरक्षित करना रेलवे सुरक्षा की



ओर हमारा एक मजबूत कदम होगा यहां तक सब कुछ आंसर दिख रहा है आप कह सकते हैं कि लीडर आफ अपोजिशन होने के नाते राहुल गांधी ने रेलवे के ट्रेन चालकों से मुलाकात की लेकिन बात तब बदली जब कांग्रेस पार्टी ने कहा कि इन

लोको पायलट ने राहुल गांधी को कुछ समस्याएं बताई है इस समस्याएं कौन-कौन सी थी यह हम आपको इसी वीडियो में आगे विस्तार से बताएंगे लेकिन इनमें से जो सबसे बड़ी समस्या जो कांग्रेस पार्टी ने बताई वह थी लोको पायलट को पर्याप्त रेस्ट ना मिलने की मगर रेलवे ने इस बात को सीरियसली ना कर दिया है और सिर्फ नकारा ही नहीं है बल्कि यहां तक का

डाला है कि जिन लोगों से राहुल गांधी मिले वह हमारे लोको पायलट लॉबी से हैं ही नहीं नॉर्दर्न रेलवे स्टीमअधिकारी दीपक को कुमार ने एक बयान जारी किया है जिसमें उन्होंने कहा कि राहुल गांधी आर्ट कैमरामैन लेकर आए थे और कल लॉबी विकसित करने के बाद उन्होंने अपने ही कुछ लोगों से बात की सीपीआरओ दीपक कुमार ने कहा कि राहुल गांधी के साथ-साथ रूम मेंबर थे जो हमारी लॉबी से नहीं थे बल्कि बाहर से आए हुए लग रहे थे दीपक कुमार की पूरी बात सुनी कुछ

उन्होंनेऐसा लग रहा है कि लोको पायलट बाहर से ले गए थे इसके बाद से तो 70 और भाजपा पूरी तरह से फ्रंट फुट पर आ गई बीजेपी आईटी सेल के चार्ज अमित मालवीय ने एक पर राहुल गांधी की इस मुलाकात का सीसीटीवी फुटेज शेयर किया उसके साथ ही उन्होंने एक लोको पायलट का वीडियो भी शेयर किया इन वीडियो के साथ अमित पाली में ने लिखा ऐसा लगता है की तीसरी बार फेल हुए राहुल गांधी आज दोपहर लोको पायलट से मिलने गए थे उनके साथ आठ कैमरामैन और

एक डायरेक्टर भी थे आप इन्हें गिन सकते हैं इसमें भी ज्यादा अजीब बात यह है कि वह यानी राहुल असली लोको पायलट से नहीं मिले पूरी संभावना है कि वह पेशेवर एक्टर्स थे जिन्हें उनकी यानी राहुल की टीम ने बुलाया था इसके साथ शेयर किए गए दोनों वीडियो आप बड़ी-बड़ी से हम आपको दिखाते हैं पहले वह सीसीटीवी वाला वीडियो देखिए फुटेज सीसीटीवी के टाइम के हिसाब से 12:48 पर शुरू होता हैइस वीडियो में एक काली टीशर्ट पहने व्यक्ति पर कैमरामैन वन का टैग लगा

हुआ दिखाई दे रहा है इतने में एक बॉडीगार्ड अंदर आता है और साथ ही हाथों में कैमरा लिए सफेद पगड़ी पहने एक और अन्य व्यक्ति के अंदर एंट्री होती है जिस पर एडिटिंग के जरिए कैमरामैन तू का टैग लगाया गया है इसी के बाद दो लोग और आते हैं उन्हें कैमरामैन 3 और कैमरामैन 4 बताया गया है कुछ एक-दो सेकंड में एक व्यक्ति और आता है जिस पर कैमरामैन 5 का टैग लगा हुआ है पीछे-पीछे कैमरामैन सिक्स है जिसके सामने अपनी सिग्नेचर सफेद टी-शर्ट में राहुल गांधी आते देख रहे हैं साथ ही साथ नीली यूनिफॉर्म में वह दो लोग भी हैं जिन्हें कांग्रेस ने लोको पायलट बताया है पीछे और भी

कुछ लोग आते हैं फिर राहुल गांधी दाएं और मुड़ जाते हैं लेकिन फिर वहां से बाहर आ जाते हैं ऐसा लगता है कि जैसे कुछ ढूंढा जा रहा है इतने में वीडियो में कैमरामैन सेवन की की एंट्री भी दिखाई जाती है फिर राहुल गांधी सीधे चले जाते हैं 12:49 और 24 सेकंड पर यह वीडियो कट होता है और लगभग 1 मिनट बाद इस पोस्ट में बीजेपी आईटी सेल इंचार्ज अमित मालवीय ने एक लोको पायलट का भी वीडियो डाला है राहुल गांधी के साथ एक तस्वीर में यह लोको पायलट भी दिख रहे हैं इन्होंने बताया कि वो राजधानी ट्रेन चलते हैं और उसे वक्त कोटा से नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे थे वीडियो में उन्होंने यह भी कहा कि वह वहां मौजूद बाकी लोको पायलट स्कूल नहीं जानतेहैं काफी लोग राहुल गांधी के आसपासके साथ राहुल

गांधी की मुलाकात के बाद कांग्रेस पार्टी ने जो दावे किए उनमें से एक समस्या हम आपको इस वीडियो की शुरुआत में बता चुके हैं वह समस्या थी पर्याप्त रेस्ट ना मिलने की इसके अलावा कांग्रेस के दावों के अनुसार लोको पायलट ने राहुल गांधी को यह भी बताया कि उन्हें अपने घरों से बहुत दूर-दूर के डिस्टेंस पर ट्रेन टाइप करने के लिए भेजा जाता है इनमें उन्हें उचित ब्रेक भी नहीं मिलते जिससे उन्हें बहुत स्ट्रेस होता है और जो उनका कंसंट्रेशन है वह भी भंग होता है इसकी वजह से एक्सीडेंट भी हो रहे हैं इसे रेलवे ने अपनी कई रिपोर्ट में खुद भी स्वीकार किया है तो विशाखापट्टनम में हालिया एक्सीडेंट के बाद भी रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कांग्रेस के मुताबिक यह लोको पायलट एक हफ्ते में 46 घंटे का रेस्ट मांग रहे

हैंलगभग इतना ही रेस्ट एयरप्लेन पायलट को भी दिया जाता है आगे यह भी बताया गया कि थे रेलवे एक्ट 1989 और अन्य नियम पहले से ही एक हफ्ते में 30 प्लस 16 घंटे का रेस्ट देने के लिए कहते हैं यानी 46 घंटे का रेस्ट देने को कहते हैं जिसका पालन नहीं किया जा रहा है बीजेपी ने जब नॉर्दर्न रेलवे का पक्ष और सीसीटीवी वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू किया तो कांग्रेस की तरफ से भी जवाब आया जवाब में उन्होंने एक मीडिया संस्थान के इंटरव्यू को शेयर किया वह इंटरव्यू है उसे लोगों पायलट का जो लगभग हर तस्वीर में राहुल गांधी के साथ नजर आ रहे हैं इंटरव्यू उन्होंने बताया

कहा कि मेरा नाम है रावत है मैं सोनपुर मंडल का लोको पायलट हूं क्र यानी ईस्ट सेंट्रल रेलवे से हूं ऑल इंडिया लोगो रनिंग स्टाफ एसोसिएशन का जनरल सेक्रेटरी हूं मुझे यह जानकारी थी कि कोई सांसद आ रहे हैं वह लोको पायलट के कामकाज के बारे में उनकी जिंदगी उनकी समस्याओं के बारे में जानना चाहेंगे लेकिन यह नहीं मालूम था कि राहुल गांधी ही आ रहे हैं यह जानकारी थी कि संसद की एक टीम आ रही है जब हम आए तोदेखा कि राहुल गांधी खुद आए हुए हैं आगे उन्होंने कुछ सवाल भी बताएं जो राहुल गांधी ने उनसे पूछे थे उनका आकार जैसे ट्रेन में आप लोगों की ड्यूटी कितने घंटे की होती है आपका अरेस्ट का शेड्यूल क्या है आप कितनी दूरी तक की यात्रा करते हैं आप लोगों की संख्या कितनी है और आप लोगों

के बेसिक प्रॉब्लम्स क्या है उसे इंटरव्यू में एक के राहुल ने बताया कि राहुल गांधी ने उनसे यह सारे सवाल पूछे थे यहां एक और बात ध्यान देने लायक है कि नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने के बाद कहीं की वह लोग को पायलट उनकी लॉबी से नहीं थे और जो लोको पायलट राहुल से मिले वह यह बता रहे हैं कि वह ईस्ट सेंट्रल रेलवे से हैं यह तो सिर्फ एक लोको पायलट की बात हुई बाकी लोगों पायलट कहां से थे इस बात का जवाब मिलना बाकी है क्या जितने लोग राहुल गांधी के साथ थे वह सभी लोको पायलट थे यह सभी एक अभी एक सवाल है सवाल तो यह भी है की नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का सीसीटीवी बाहर आकर कहां से आया इन सभी सवाल जवाबों के बीच रेलवेएस है जो कि कभी बंदे भारत एक्सप्रेस और कभी बुलेट ट्रेन जैसे महात्मा गांधी प्रोजेक्ट के लिए अपनी पीठ सप्तपाती है और कभी रेल हादसों के बीच विवादों में गिर

जाती है इसका एक पहलू सियासत भी है रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को मोदी की 3.2 कैबिनेट में फिर से वही जिम्मेदारी मिली है और राहुल गांधी अब नेता प्रतिपक्ष बन जाने के बाद से एक अलग रूप में नजर आ रहे हैं इस पूरी खबर पर आपकी जो भी राय है आप हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताइएगा आपके लिए तमाम जानकारी लेकर आए थे हमारे साथ ही सीखना वेद मेरा नाम है विकास वर्मा शुक्रियाका दर्जा मिलेगा दूसरे को नहीं मिलेगा गलत बयानी करके शरण को गुमराह जानती है की स्कीम प्राइम मिनिस्टर का ब्रेन चाइल्ड थास्कीम

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